
अकेले में सिमटती तन्हाई है
इश्क़ हर एक के बस में नहीं होता
तब सिर्फ दोस्ती ही साथ होती है…

रिश्ते टूट जाया करते है,
दोस्ती की तो उम्र
ही बचपन की है
वो तो नासमझी में भी
अपनाया करती है…

तब राह भी सुनी पड़ती है
जब आस दिखे रोशनी की,
यारों वो दोस्ती की पुकार होती है…
Nice
Thank you